जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया। यह हमला अनंतनाग के लाल चौक के पास हुआ, जहां आतंकियों ने पुलिस टीम पर अचानक गोलीबारी कर दी। इस हमले में हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अनंतनाग ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना बुधवार दोपहर लगभग 12:30 बजे हुई। हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन उस समय अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के फाल्कन दस्ते ने ली है। टीआरएफ की स्थापना वर्ष 2019 में लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन से की गई थी। भारत सरकार ने 5 जनवरी 2023 को टीआरएफ को आधिकारिक रूप से आतंकी संगठन घोषित किया था।
डीजीपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने विशेष पुलिस महानिदेशक (समन्वय) एस.जे.एम. जिलानी के साथ घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान की समीक्षा की।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उन्होंने लाल चौक क्षेत्र का निरीक्षण किया और अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था, तलाशी अभियान और अब तक की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को अभियान को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा पूरी सतर्कता और बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।
पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान
आतंकी हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से आतंकियों की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आने-जाने वाले सभी मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।