Fri. Oct 9th, 2026

देहरादून: उत्तराखंड में ट्रैफिक चालान के नाम पर होने वाली साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए नई पहल की गई है। अब वाहन स्वामी आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ डिजिटल पेमेंट ऐप्स के माध्यम से भी अपने लंबित ट्रैफिक चालान का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए ई-चालान पोर्टल को Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे प्रमुख डिजिटल पेमेंट ऐप्स से जोड़ा गया है।

फर्जी चालान लिंक से होने वाली ठगी पर लगेगी रोक

साइबर अपराधी अक्सर वाहन स्वामियों को चालान भुगतान के नाम पर फर्जी लिंक भेजते हैं। ये लिंक देखने में आधिकारिक वेबसाइट जैसे लगते हैं। इन पर क्लिक करने से लोगों की बैंकिंग जानकारी और निजी डेटा चोरी होने का खतरा रहता है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के उद्देश्य से भुगतान की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और आसान बनाने की पहल की गई है।

Paytm, PhonePe और Google Pay पर मिलेगी सुविधा

नई व्यवस्था के तहत वाहन स्वामी अपने डिजिटल पेमेंट ऐप में जाकर ट्रैफिक चालान के विकल्प में उत्तराखंड पुलिस का चयन कर सकते हैं। इसके बाद वाहन नंबर दर्ज करके लंबित चालान की जानकारी प्राप्त की जा सकती है और ऐप के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है।

इस सुविधा से लोगों को अनजान SMS या WhatsApp संदेशों में मिले लिंक के जरिए भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही, चालान की जानकारी प्राप्त करने और भुगतान करने की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक होगी।

भुगतान के बाद अपडेट होगा ई-चालान रिकॉर्ड

डिजिटल माध्यम से चालान का भुगतान करने पर ई-चालान डेटाबेस में संबंधित रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने और लंबित चालानों के निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस सुविधा के माध्यम से अब तक 572 चालानों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे कुल 6,09,100 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। एकीकृत पेमेंट ऐप के जरिए प्रति चालान लगभग 3 से 4 रुपये का अतिरिक्त शुल्क भी लिया जा रहा है। वहीं, कुछ थर्ड पार्टी ऐप्स पर चालान राशि के अलावा अन्य शुल्क भी लग सकते हैं।

चालान का भुगतान करते समय बरतें सावधानी

साइबर ठगी से बचने के लिए वाहन स्वामियों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • चालान का भुगतान केवल आधिकारिक ई-चालान वेबसाइट या विश्वसनीय पेमेंट ऐप के माध्यम से करें।
  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए https://echallan.parivahan.nic.in का उपयोग करें।
  • पेमेंट ऐप में उत्तराखंड पुलिस का विकल्प चुनकर ही चालान की जानकारी जांचें।
  • अनजान SMS या WhatsApp संदेशों में मिले लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • किसी संदिग्ध वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी, OTP या निजी विवरण साझा न करें।
  • भुगतान से पहले वाहन नंबर, चालान की राशि और अन्य विवरणों की पुष्टि अवश्य करें।

सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है। चालान का भुगतान करने से पहले वेबसाइट या ऐप की प्रामाणिकता जांचें और किसी भी संदिग्ध लिंक के जरिए भुगतान करने से बचें।

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