उत्तराखंड कांग्रेस की SIR कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक मनोज रावत ने निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में SIR के दौरान करीब 13.85 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उनके मुताबिक, छोटे राज्य में इतनी बड़ी संख्या में वोटों का कटना बेहद गंभीर मामला है।
रावत ने कहा कि प्री-SIR और SIR प्रक्रिया के दौरान कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए, इसके वास्तविक आंकड़े निर्वाचन आयोग अब तक सार्वजनिक नहीं कर पाया है। उन्होंने दावा किया कि वोट कटौती से जुड़े आंकड़ों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने फॉर्म-7 के ऑटो जनरेट होने, भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर कार्रवाई और कथित फर्जी शिकायतों के मामलों का भी मुद्दा उठाया। रावत का आरोप है कि पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत रही है।
कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में करीब 14 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।


