उत्तराखंड सरकार ने निजी स्कूलों की अनियमितताओं और मनमानी पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर 1800 180 4275 जारी किया है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय वेबसाइट schooleducation.uk.gov.in का औपचारिक शुभारंभ भी किया। अब अभिभावक इस टोल फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और वेबसाइट के जरिए शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ले सकेंगे
टोल फ्री नंबर जारी करने के मौके पर शिक्षा निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर पूरे राज्य में अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इनमें स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाना, महंगी किताबें और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाना जैसी समस्याएं प्रमुख थीं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने यह टोल फ्री नंबर जारी किया है।
अभिभावक प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक इस टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। दर्ज शिकायतों का निदेशालय स्तर पर मूल्यांकन कर संबंधित जिला अधिकारियों को समाधान के लिए भेजा जाएगा। जिला स्तरीय अधिकारी शिकायतों का निस्तारण कर निदेशालय को रिपोर्ट सौंपेंगे। इससे पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
शिक्षा मंत्री ने विभाग की नई वेबसाइट schooleducation.uk.gov.in लांच करते हुए कहा कि यह वेबसाइट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। इस वेबसाइट पर शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न नियमावलियों, आरटीई नियमावली, अशासकीय विनिमय, स्थानांतरण अधिनियम और अन्य विभागीय गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा विभिन्न संवर्गों की वरिष्ठता सूची भी वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है, जिससे शिक्षक और कर्मचारी एक क्लिक में अपनी स्थिति देख सकते हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस पोर्टल को विकसित किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘यह टोल फ्री नंबर और नई वेबसाइट राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि अभिभावकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और उनकी शिकायतों का तुरंत समाधान हो। इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा झरना कामठान, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, निदेशक बेसिक शिक्षा अजय कुमार नौटियाल, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, संयुक्त निदेशक पद्मेंद्र सकलानी, जेपी काला, राज्य पोर्टल प्रभारी मुकेश बहुगुणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से अभिभावकों को राहत मिली है। अब वे बिना किसी परेशानी के अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और शिक्षा विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। सरकार की इस पहल से निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और शिक्षा व्यवस्था और अधिक पारदर्शी बनेगी