टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी में आयोजित 50वें सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या उस समय चर्चा में आ गई, जब पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर पहुंचकर नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि प्रस्तुति के दौरान गायक की आवाज लड़खड़ाने पर मंत्री ने उन्हें टोका और कार्यक्रम में बेहतर प्रस्तुति देने की बात कही।
मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि दलेर मेहंदी को मेले में इसलिए आमंत्रित किया गया था, ताकि यहां पहुंचे लोगों का मनोरंजन हो सके। उन्होंने कहा कि बड़े नाम के कलाकारों को अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रस्तुति देनी चाहिए। मंत्री ने गायक की आवाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब ठीक से बोलना भी मुश्किल हो रहा है, तो गाना कैसे गाया जाएगा।
इस पर दलेर मेहंदी ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें सम्मान के साथ आमंत्रित किया गया है और मंत्री से अनुरोध किया कि वे पंडाल में बैठकर कार्यक्रम का आनंद लें। इस घटनाक्रम के दौरान पंडाल में मौजूद दर्शकों के बीच शोर-शराबा भी होता रहा।
पंजाबी गानों पर देर रात तक झूमे दर्शक
विवाद के बीच सांस्कृतिक संध्या में दलेर मेहंदी ने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ कई लोकप्रिय पंजाबी गीत प्रस्तुत किए। उनके मंच पर पहुंचते ही युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने ‘नमो-नमो’, ‘रब-रब’, ‘नना ना रे’ और ‘हो जाएगी बल्ले-बल्ले’ जैसे गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पंडाल में मौजूद युवा पंजाबी गीतों की धुन पर थिरकते नजर आए और देर रात तक गीत-संगीत का आनंद लेते रहे। डीजे की धुन पर भी दर्शकों का उत्साह बना रहा।
कुंजापुरी मेले की यह सांस्कृतिक संध्या जहां संगीत और मनोरंजन के लिए यादगार रही, वहीं मंच पर मंत्री और गायक के बीच हुई बातचीत के कारण भी चर्चा में आ गई।

