Sat. Oct 10th, 2026

देहरादून। नैनीताल जिले में स्थित बाबा नीब करौरी के प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी श्रद्धालुओं के पंजीकरण की व्यवस्था की जा सकती है। इसके तहत कैंची धाम की क्षमता के आधार पर प्रतिदिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित की जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन और शासन के बीच जल्द बैठक होने की संभावना है।

कैंची धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खासकर छुट्टियों और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंजीकरण व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

एक दिन में दर्ज हुए 35 हजार वाहन

दो अक्तूबर को कैंची धाम क्षेत्र में एक ही दिन में करीब 35 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई। वाहनों की इतनी बड़ी संख्या के कारण भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया और श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ा।

इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क संकरी होने और तीखे मोड़ होने के कारण यातायात प्रभावित होता है। जाम की वजह से अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

चारधाम यात्रा की तर्ज पर बन सकती है व्यवस्था

प्रदेश में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण की व्यवस्था लागू है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की संख्या का रिकॉर्ड रखने और यात्रा प्रबंधन को बेहतर बनाना है। हालांकि, पंजीकरण के बावजूद यात्रा मार्गों पर जाम की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है।

केदारनाथ यात्रा के दौरान सोनप्रयाग में पार्किंग की कमी और सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक शटल सेवा के लिए लगने वाली लंबी कतारें भी चुनौती बनी रहती हैं।

भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर

कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या को निर्धारित करने के साथ ही यातायात प्रबंधन, पार्किंग और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाना भी जरूरी माना जा रहा है। प्रस्तावित पंजीकरण व्यवस्था लागू होने पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

प्रशासन की ओर से निर्धारित की जाने वाली दैनिक क्षमता और पंजीकरण के नियमों को लेकर अंतिम निर्णय बैठक के बाद सामने आएगा। इससे कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *